मंत्री जी के आदेश को ठेंगा दिखाते हैं संचालनालय के अधिकारी

मंत्री जी के आदेश को ठेंगा दिखाते हैं संचालनालय के अधिकारी

रायपुर :- अपनी पुरानी सत्ता के नशे में महिला बाल विकास के कुछ अधिकारी इस कदर डूबे हुए हैं कि अपने कार्यालय को छोड़कर सप्ताह भर पहले से गायब होकर मंत्रलाय में घूम रहे हैं और मंत्री जी के स्थानांतरण आदेश के बाद भी संचालनालय में आते रहने की तरकीबें ढूंढ रखी हैं ।

मंत्री जी और जीएडी के आदेश का उल्लंघन

दरअसल प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में पदस्थ रामजतन कुशवाहा संचालनालय से फाइलों में अनगिनत षड्यंत्र रचने की शिकायतों और आरोपों के चलते हटाये गए हैं । लेकिन इसके बाद भी पिछले 15 दिन में केवल एक दिन ही प्रशिक्षण संस्थान में बैठे है और उसके बाद से वहां से गायब हैं । कार्यालयीन दिवस और शासकीय समय मे रायपुर में मंत्रालय और संचालनालय में तफरीह काटते हुए नजर आ रहे हैं । मामले में हवाला यह दिया जा रहा है कि सामग्री क्रय हेतु जेम पोर्टल पर आर्डर देने के लिए जेम पोर्टल से सुनील शर्मा उपसंचालक ICDS से टेंडर भरवाने के लिए रायपुर आये हैं .

क्या है जेम की प्रक्रिया

उल्लेखनीय है कि जेम पोर्टल की प्रक्रिया अनुसार प्रशिक्षण संस्थान की आई डी बनवाने के लिए रायपुर आने की आवश्यकता होती ही नही है । इसके लिए संचालनालय से पूर्व में बाकायदा निर्देश जारी किए जा चुके है । नियमानुसार विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर केवल अधिकृत अधीनस्थ कार्यालय होने की ऑनलाइन पुष्टि करना होता है । सूत्र बताते हैं की ट्रेनिंग सेंटर बिलासपुर की जेम में ऑर्डर देने की आईडी भी पूर्व से बनी हुई है ।

क्यों आकर जमे हैं रायपुर में
उल्लेखनीय है कि रामजतन कुशवाहा की गम्भीर शिकायतें पेंडिंग हैं । अपनी ही शिकायतो की फाइलें खंगालने कभी भी संचलनालय पहुँच जाते हैं । दूसरी बात ये बताई जाती है कि इनका मोह अब तक संचलनालाय से नही छूटा है और ये अब भी खुद को संचलनालय का उपसंचालक ही समझते है इतना ही नहीं बल्कि यह इतने उद्दंड अधिकारी है कि जिसे न शासन का भय है न प्रशासन का यह खुलेआम शासन को मुंह चिढ़ाते हुए मंत्रालय और संचलनालाय में धड़ल्ले से अधिकारपूर्वक घूमते पाए जा रहे हैं ।

कौन है आई टी शाखा का प्रभारी
सवाल यह भी उठता है कि संचालनालय की आई.टी. शाखा के इंचार्ज सुनील शर्मा उपसंचालक आईसीडीएस नहीं हैं तो फिर जेम के आई.डी. सुनील शर्मा से ही क्यों बनवाकर उन्हें उपकृत किया जाता है । मामला विचारणीय है तथा जांच का भी विषय है. इसके साथ ही जांच इस विषय पर भी होनी चाहिए कि क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान के लिए ऐसी कौन-कौन सी कितनी सामग्री के आर्डर दिए जा रहे हैं और कितनी निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं जिनके लिए रामजतन जी संचालनालय में 15 दिन से जमे बैठे हैं ।
बताते चले कि निविदा आमंत्रित करने का काम गत विगत कई दिनों से अनवरत जारी है ।विभागीय सूत्र बताते है कि कुशवाहा ने तफरीह काटने के लिए योजना बनाई हुई है जिसमे वेतन देयको पर डिजिटल हस्ताक्षर करने हेतु अपनी पेन ड्राइव अपने ऑफिस में अकाउंटेंट को देकर रखी हुई है ताकि कर्मचारियों के वेतन देयक लग जाए और कुशवाहा आराम से कार्यालयीन समय मे कही भी घूमते रहें ।

अब रायपुर में संचालनालय में जमे रहने की योजना में अगला नया रास्ता निकाला

श्री कुशवाहा जी ने अपने पुराने विश्वास पात्र सहायक संचालक से मिलकर अगले हफ्ते भी संचालनालय में रहने का नया रास्ता निकाल लिया है । पता चला है कि हाल ही में लोक सेवा आयोग से चयनित नए केवल 6 अधिकारियों के दस्तावेज सत्यापन के नाम पर इन्हें पत्र जारी कर संचालनालय बुलवा लिया गया है । आश्चर्यजनक है कि पहले यही काम कुशवाहा जी किसी अधीनस्थ अमले से करवाया करते थे । मात्र छह अधिकारियों के दस्तावेज सत्यापन में एक घण्टा लगता है जिसे संचालनालय का कोई भी अधिकारी कर सकता है । इसके बाद भी क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी जो हाल ही में हटाये गए हैं उन्हें बुलवाना मिली जुली नूरा कुश्ती का मामला लगता है । अब देखना ये है कि इसके बाद कौन सा तरीका ढूंढा जाता है ।

कुल मिलाकर हासिल निष्कर्ष यही है कि मंत्री जी चाहे जो आदेश करें ,महिला बाल विकास के वर्षों से जमे अधिकारी अपना मनचाहा काम ही करेंगे । मंत्री जी जो कुछ बढ़िया करके दिखाना चाहती हैं उन्हें इन सब पर लगाम कसने की ज़रूरत है

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