स्मार्ट क्लासरूम खरीद में लाखों का अंतर 7.61 लाख का पैनल, 1.23 लाख के कंप्यूटर पूरी प्रक्रिया जांच के घेरे में

स्मार्ट क्लासरूम खरीद में लाखों का अंतर 7.61 लाख का पैनल, 1.23 लाख के कंप्यूटर पूरी प्रक्रिया जांच के घेरे में
रायपुर : – छत्तीसगढ़ के हायर एजुकेशन विभाग में स्मार्ट क्लासरूम के नाम पर की गई खरीदारी एक बार फिर विवादो के घेरे में है। विभाग द्वारा हाल ही में की गई GeM (Government e-Marketplace) खरीद में 86 इंच इंटरएक्टिव पैनल और एंट्री लेवल कंप्यूटर की कीमतें बाजार से लगभग दोगुनी दिखाई गई हैं, जिससे पूरे प्रकरण पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

86 इंच का इंटरएक्टिव पैनल 7.61 लाख रुपये में खरीदा गया –
विभाग द्वारा जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, ViewSonic 86-inch Display Interactive Panel की खरीद ₹7,61,840 रुपये प्रति पीस की दर से की गई है। जबकि
इसकी मार्केट प्राइस ₹2.20 लाख से ₹3.40 लाख है , वही प्रिमियम मॉडल (Max) ₹4.50 लाख है। इसके मुकाबले 7.61 लाख रुपये की कीमत को विशेषज्ञ सीधे-सीधे inflated cost मान रहे हैं।

एंट्री लेवल डेस्कटॉप कंप्यूटर ₹1.23 लाख में खरीदे गए –
दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि Acer Entry Level Desktop , Quantity 10 यूनिट जिसकी कीमत ₹1,22,819 प्रति यूनिट जबकि इसी कॉन्फ़िगरेशन (i3 13th Gen, 16GB RAM, 512 NVMe SSD) वाला कंप्यूटर मार्केट में 42,000-58,000 रुपये में आती है। वही ब्रांडेड Acer Veriton मॉडल भी ₹65,000-75,000 के बीच उपलब्ध है। यानि प्रति कंप्यूटर लगभग 40–45 हजार रुपये का अंतर पाया गया है।
Scope of Work और GeM आदेश में भारी अंतर –
कॉलेज द्वारा जारी Scope of Work में कुल 14 प्रकार के उपकरण मांगे गए हैं, जिनमें 72 कम्प्यूटर टेबल , 58 ट्रेनिंग चेयर , 10 वॉल स्पीकर , PA सिस्टम , माइक्रोफोन , वेब कैम , स्मार्ट टेबल , GoPro कैमरा , रेफ़्रिजरेटर
जैसे आइटम शामिल थे। परंतु GeM के ऑर्डर में केवल दो प्रमुख आइटम इंटरएक्टिव पैनल और कंप्यूटर ही दिखाई देते हैं। बाकी सामान का कोई उल्लेख नहीं है। प्रक्रिया में यह mismatch खुद में एक बड़ा खरीद संदेह पैदा करता है।

दरें सामान्य से 40-80% अधिक –
ICT उपकरण खरीदने वाले अनुभवी सप्लायरों ने बताया कि Q2 क्वालिटी के इंटरएक्टिव पैनल को Q1 से भी ज्यादा कीमत में खरीदना समझ से परे है। और एंट्री लेवल कंप्यूटर का 1.23 लाख रुपये में खरीदा जाना अत्यधिक मूल्यांकन का मामला है।
क्या बोली प्रक्रिया में गड़बड़ी?
दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि Organisation Name – N/A Only 11 Items का total quantity लेकिन Scope of Work में कई गुना अधिक सामग्री ये सभी बिंदु यह संकेत देते हैं कि या तो ऑर्डर को कई हिस्सों में बांटा गया, या GeM से बाहर ऑफलाइन खरीद हुई, या एक ही सप्लायर को फायदा पहुंचाने के लिए बोली प्रक्रिया की शर्तें बदली गईं।
महाविद्यालय ने 7 अक्टूबर 2025 को हस्ताक्षर कर दी स्वीकृति –
GeM पर अपलोड दस्तावेज़ों के अनुसार,
राजीव लोचन पीजी कॉलेज, राजीम के प्राचार्य द्वारा 07/10/2025 को सप्लायर की बोली पर हस्ताक्षर किए गए।
विभागीय सचिव डॉ. एस भारतीदासन से बातचीत ने बढ़ाई खरीद पर शंका मामले की जानकारी ही नही –
इस खरीद के संबंध में जब हायर एजुकेशन विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने शुरुआती बातचीत में यह कहते हुए प्रतिक्रिया दी कि हम जांच कर रहे हैं। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि किस मामले की जांच, तो उन्होंने जांजगीर जिले की किसी अन्य फाइल का उल्लेख कर दिया। जब उन्हें बताया गया कि यह मामला राजीव लोचन पीजी कॉलेज, राजीम की स्मार्ट क्लासरूम खरीद से जुड़ा है, तो वे स्पष्ट रूप से अनभिज्ञ दिखे। इसके बाद जब संबंधित दस्तावेज़ सचिव को व्हाट्सऐप पर भेजे गए, तो उन्होंने केवल दो शब्दों में प्रतिक्रिया दी
“OK noted










