मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का नया अध्याय, हजारों घरों में बसी खुशियां

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का नया अध्याय, हजारों घरों में बसी खुशियां
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह धमतरी में 132, जीपीएम में 300 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी हुआ शुभारंभ
रायपुर : – कभी-कभी शासन की कोई पहल केवल योजना नहीं रहती, वह समाज के विश्वास का उत्सव बन जाती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह ऐसा ही ऐतिहासिक अवसर बना, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष आशीर्वाद दिया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
इस आयोजन ने सामाजिक समरसता और सर्वधर्म समभाव की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और एकता का जीवंत उत्सव था। उल्लेखनीय है कि इस भव्य आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।
जिलों में उत्सव का वातावरण राज्यभर में यह आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। धमतरी जिले में 132 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) में 300 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लेकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। अन्य जिलों में भी सैकड़ों जोड़ों ने इस योजना के माध्यम से सम्मानजनक विवाह का अवसर पाया।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे विवाह की गरिमा और आत्मसम्मान दोनों सुनिश्चित हुए। सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह नहीं, बल्कि अंत्योदय और संवेदनशील शासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह चिंता का विषय होता था, लेकिन आज यही योजना उन्हें सम्मान और सुरक्षा का भरोसा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी शुभारंभ किया। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा और बस्तर संभाग के आठ जिलों में इसकी शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
विकास और जनकल्याण का संकल्प –
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दो वर्षों में “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि की गई है।
चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ किया गया है। श्रीरामलला दर्शन योजना एवं भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इस योजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिवस बताते हुए कहा कि हजारों जोड़ों का एक साथ विवाह सामाजिक एकता और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
जब शासन की पहल से हजारों घरों में एक साथ शहनाई बजती है, तो वह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, समानता और सम्मान का नया अध्याय बन जाता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने एक बार फिर साबित किया है कि विकास का असली अर्थ संवेदनशीलता और समरसता से है।










