पर + इच्छा = परीक्षा को बनाये मन की इच्छा, परिणाम इच्छानुसार मिलेंगे — चोपड़ा

00 स्कूली विद्यार्थियों के लिए कैसी हो भयमुक्त परीक्षा की तैयारी विषय पर जैन संवेदना ट्रस्ट की कार्यशाला
00 सैकड़ों बच्चों ने मोबाईल दुरुपयोग फास्टिंग की ली शपथ
रायपुर। जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा बच्चों से बच्चों की बात कार्यशाला का आयोजन श्री आदिश्वर जैन माध्यमिक शाला व वर्धमान इंग्लिश मीडियम स्कूल सदर बाजार में किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने बताया कि बच्चों के मन में वार्षिक परीक्षा के डर को दूर करने व परीक्षा में सफलता के लक्ष्य निर्धारण हेतु मोटिवेशनल कार्यशाला आयोजित की जा रही है। आज की कार्यशाला में प्रसिद्ध शिक्षाविद विजय चोपड़ा ने कैसी हो भयमुक्त परीक्षा की तैयारी विषय पर बच्चों को मोटिवेशनल स्पीच देते हुए कहा कि परीक्षा में अच्छे परिणाम के लिए सही प्लानिंग, व्यवस्थित प्रिपरेशन व कड़ा परिश्रम बहुत जरूरी है। चोपड़ा ने अच्छे परिणाम के लिये प्लानिंग , प्रिपरेशन व परिश्रम को विस्तारित करते हुए कहा कि प्रिपरेशन के पूर्व अच्छी प्लानिंग करें। कुल विषयों को परीक्षा के बचे दिन से भाग देकर प्रत्येक विषय के लिये दिन निर्धारित करें। प्रत्येक विषय को तीन श्रेणी में बांट लें। वस्तुनिष्ठ प्रश्न , मन पसंद सरल प्रश्न व कठिन प्रश्न। तैयारी करते समय सरल प्रश्न से आरम्भ कर आगे बढ़ेंगे तो आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कठिन प्रश्नों की तैयारी के लिए प्रात: काल ब्रम्हमुहूर्त का समय बेहतर होगा। इस तरह के प्रयास अच्छे परिणाम देंगे।
परीक्षा की तैयारी को स्वयं की इच्छा बनाएं फिर सफलता सौ प्रतिशत तय है। परीक्षा को बोझ या हव्वा न मानें बल्कि परीक्षा पर हावी होकर तैयारी में जुट जाएं। लगन , मेहनत , अनुशासन व आत्मविश्वास से ही पूर्ण सफलता प्राप्त होती है। इसे मूलमंत्र बनाएं , पूर्ण मनोभावों से किये परिश्रम से ही अच्छे परिणाम सामने आते हैं। अभी परीक्षा में एक पखवाड़े का समय शेष है , एक बात तय है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नही होता सो विषयों के अनुसार टाईम टेबल सेट करें , ऊँचा लक्ष्य निर्धारित करें अपनी क्षमता पर विश्वास करें व प्लानिंग से तैयारी आरम्भ कर देवें। मोटिवेशनल स्पीकर चोपड़ा ने छात्राओं की हौसला अफजाई करते हुए बताया कि परीक्षा की तैयारी के बीच बीच में ब्रेक भी जरूरी है , प्रतिदिन की संतुलित निद्रा व आहार भी सफलता के आधार हैं।
चोपड़ा ने छात्राओं को परीक्षा की समयबद्ध तैयारी के मध्य की अड़चन को इंगित करते हुए मोबाईल के उपयोग व दुरुपयोग पर विस्तृत चर्चा की , एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। मोबाईल पर समय के दुरुपयोग से दूर रहकर उसके सही उपयोग को क्रियान्वित करें। कठिन प्रश्नों के उत्तर अपनी आवाज में रिकॉर्ड करें उसे बार बार सुनकर मस्तिष्क पटल पर बैठाएं , इस प्रकार हमारे जीवन में रचे बसे मोबाईल का परीक्षा के लिए सदुपयोग का संकल्प छात्राओं ने लिया। अंत में अनेक छात्राओं ने अपने डाऊट बताए जिसका विजय चोपड़ा ने विस्तार पूर्वक समाधान देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। श्री आदिश्वर जैन कन्या पाठशाला की प्राचार्या योगिता शर्मा , प्रधान अध्यापिका दीपाली बर्वे , मोनिका बड़वाईक , साक्षी तम्बोली , अंकिता तिवारी , लक्ष्मी पाठक , भारती गुप्ता व वर्धमान इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्या कनक लता चंद्राकर स्नेहा जैन ने भाग लिया।

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