दादागुरुदेव श्री जिनदत्त सूरीश्वर का त्रिदिवसीय चादर महोत्सव 6 मार्च से जैसलमेर में, छत्तीसगढ़ से 5 हजार होंगे शामिल

00 871 वर्ष पूर्व प्रथम दादागुरुदेव श्री जिनदत्त सूरीश्वर जी ने 130000 नूतन जैन बनाए 57 नए गोत्रों की स्थापना की
00 छत्तीसगढ़ के अध्यात्म योगी उपाध्याय श्री महेन्द्र सागर जी का आचार्य पदारोहण
00 6 मार्च को आर एस एस प्रमुख श्री मोहन भागवत जी का उदबोधन
रायपुर। खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी की पावन निश्रा में जैसलमेर में प्रथम दादागुरुदेव श्री जिनदत्त सूरि जी का त्रिदिवसीय चादर महोत्सव 6 – 7 – 8 मार्च को मनाया जाएगा । जिसमें छत्तीसगढ़ से 5000 दादागुरुदेव भक्त सम्मलित होने 4 मार्च को प्रस्थान करेंगे ।
श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि दादागुरुदेव श्री जिनदत्त सूरीश्वर जी के अंतिम संस्कार में गुरुदेव की काया जल गई लेकिन उनके द्वारा धारण किए वस्त्र नही जले। चादर, चोल दुपट्टा व मुहपत्ती नही जली जो कि 871 वर्षों से जैसलमेर में सुरक्षित रखा हुआ है। 6 मार्च को पदारोहण, आचार्य भगवंत द्वारा दादागुरुदेव का गुणानुवाद , आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का उदबोधन, अभिषेक इत्यादि के चढ़ावे व रात्रि में दीपोत्सव तथा विराट भक्ति संध्या होगी। 7 मार्च को चादर चोलपट्टा व मुहपत्ती का भव्य वरघोड़ा निकलेगा दिव्य वस्त्रों का अभिषेक , वासक्षेप पूजन होगा व रात्रि में एक शाम गुरुदेव के नाम भक्ति होगी । 8 मार्च को प्रात: छत्तीसगढ़ के आध्यत्म योगी पूज्य उपाध्याय श्री महेन्द्र सागर जी का आचार्य पदारोहण होगा। साथ ही भक्तों द्वारा चमत्कारी चादर चोलपट्टा व मुहपत्ती का वासक्षेप पूजन होगा । अभिषेक जल व पूजित वासक्षेप का श्रद्धालुओं में वितरण किया जावेगा।
श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद महासचिव महेन्द्र कोचर ट्रस्टी नीलेश गोलछा, डॉ योगेश बंगानी खरतरगच्छ महिला परिषद की राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती मंजू कोठारी ने छत्तीसगढ़ के दादागुरुदेव के भक्तों से निवेदन करना है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में जैसलमेर पहुंचकर जिनशासन की शोभा बढ़ाएं।










