छत्रपति शिवाजी जयंती, 19 फरवरी को घोषित करें स्वराज दिवस : काले

00 महाराष्ट्र मंडल भी जुटा छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अभियान के साथ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल कई वर्षों से 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती न केवल धूमधाम से तात्यापारा चौक स्थित शिवाजी प्रतिमा परिसर में मनाता रहा है, बल्कि इस दिन को स्वराज दिवस घोषित करने का मांग भी करता रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में मंडल की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और वर्तमान सीएम विष्णुदेव साय सहित विभिन्न उच्चस्थ जनप्रितिनिधियों को भी ज्ञापन देकर शिवाजी जयंती को स्वराज दिवस मनाने की मांग की है। यही अभियान छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी भी चला रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आशय का पत्र भी भेजा है।
मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि हमारे इस अभियान को अब प्रदेश की बुद्धिजीवियों की संस्था छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी, जिसे हम थिंक टैंक के नाम से जानते हैं, भी आगे बढ़ा रही है, यह अच्छी बात है। समान विचारों के कारण हम भी थिंक टैंक की मांग के साथ हैं।
मोदी को भेजे पत्र में डॉ. सोलंकी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की और भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज योद्धा ही नहीं, बल्कि महान प्रशासक और दूरदृष्टा भी थे। उन्होंने एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का सपना देखा था। शिवाजी महाराज हमारे लिए हमेशा ही प्रेरणास्रोत रहेंगे।
डॉ. सोलंकी ने शिवाजी महाराज जयंती 19 फरवरी को स्वराज दिवस घोषित करने की मांग दोहराई है, ताकि यह दिन हमें उनके बलिदानों को याद करने और उनके आदर्शों को अपनाने का अवसर प्रदान करे। महाराष्ट्र मंडल रायपुर की ही तरह उन्होंने भी स्कूलों और कॉलेजों में शिवाजी महाराज के जीवन और कार्यों को पढ़ाने की मांग की है, जिससे युवा पीढ़ी को उनके बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिले।
डॉ. सोलंकी ने प्रधानमंत्री मोदी से शिवाजी महाराज के जन्म स्थान और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने की मांग की है, ताकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिले और लोगों को उनके इतिहास के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इधर महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष काले ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन से युवाओं को पोर्टब्लेयर अंडमान के अलावा महाराष्ट्र में रायगढ़ में शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराने की मांग की है, ताकि हमारी युवा पीढ़ी हिंदवी स्वराज के लिए किए गए संघर्ष के सच्चे इतिहास को जान सकें। साथ ही उनसे प्रेरित होकर मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सके।

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