जननी सुरक्षा योजना और जीवनदीप समिति की 26 लाख से अधिक राशि का गबन मामले में महिला गिरफ्तार

दुर्ग। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतई में जननी सुरक्षा योजना और जीवनदीप समिति के सरकारी खातों से 26 लाख 6 हजार 57 रुपए का गबन करने वाली कनिष्ठ सचिवीय सहायक किरण भारत सागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी महिला ने सरकारी राशि का उपयोग अपने कर्ज चुकाने और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए किया। इस राशि का एक हिस्सा बाइक खरीदने में खर्च किया गया और लगभग 2 लाख 88 हजार रुपए वापस जननी सुरक्षा योजना तथा जीवनदीप समिति के खातों में जमा कर अनियमितता छिपाने का प्रयास किया।
मामले का खुलासा अक्टूबर 2025 में तब हुआ जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र मोलन ने वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत खंड चिकित्सा अधिकारी को भेजी। इसके बाद गठित जांच समिति ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो पता चला कि महिला ने सरकारी खाते से रकम निकालकर अपने निजी बैंक खाते और परिचितों के खातों में स्थानांतरित की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गबन की गई राशि का उपयोग विभिन्न लोन चुकाने में किया। इसमें 4 लाख रुपए बजाज फाइनेंस, 5 लाख रुपए नावी फाइनेंस, 1 लाख रुपए यूनिटी बैंक, 1 लाख 40 हजार रुपए मनी व्यू, 60 हजार रुपए ग्रामीण कूट बैंक, 70 हजार रुपए श्रीराम फाइनेंस और 40 हजार रुपए सिम्स प्राइवेट कंपनी में जमा किए।
उतई थाना पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक पासबुक, चेकबुक, पैनकार्ड, मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने गबन के पैसे का एक हिस्सा वापसी करके अपनी हरकतों को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। इस मामले ने सरकारी खातों में वित्तीय पारदर्शिता और धन के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। यह मामला सरकारी निधियों के अनुचित उपयोग और वित्तीय हेरफेर के खिलाफ एक सख्त संदेश बन गया है।

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