शिक्षक शाला समय में नशा करके उपस्थित होने या गैरजिम्मेदार व्यवहार करने पर होगी कठोर कार्यवाही – पी. नागेंद्र

बीजापुर। जिले के भोपालपटनम विकासखंड शिक्षा अधिकारी पी. नागेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा की गुणवत्ता, शाला संचालन, एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन विकासखंड स्तरीय कार्यालय में किया गया। इस बैठक में विकासखंड स्तर के समस्त प्राचार्य, प्रधानपाठक, शिक्षकों, और शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत “शिक्षा को नई दिशा उज्जवल भविष्य की आशाओं के साथ” विषय के साथ की गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी पी. नागेंद्र कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि यदि कोई भी शिक्षक शाला समय में नशा करके उपस्थित होता है या गैरजिम्मेदार व्यवहार करते हुए शाला समय में सार्वजनिक स्थानों पर घूमते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने, शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को सुनिश्चित करने एवं शैक्षिक नवाचारों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सम्मिलित रहे।बैठक के प्रमुख बिंदुओं जाति एवं जन्म प्रमाण पत्र की उपलब्धता, नवोदय प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन व पंजीयन की स्थिति, इंस्पायर अवॉर्ड योजना में भागीदारी, छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण की समीक्षा, शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों का पुन: नामांकन, निपुण बीजापुर एवं दक्ष बीजापुर कार्यक्रमों की प्रगति, अध्यापन कार्यों की गुणवत्ता, सरस्वती सायकल योजना का क्रियान्वयन, शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार शिक्षण योजनाएं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी व पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। 21वीं सदी के कौशलों पर विशेष चचार्: इस अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास एटला ने सभी एजेंडों पर बिंदुवार विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षण कार्यों को किस प्रकार क्रियान्वित करना है, और 21वीं सदी के कौशलों – जैसे कि संचार, सहयोग, समालोचनात्मक सोच और सृजनात्मकता – को शाला में किस तरह से अपनाया जाए, इस पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।उन्होंने यह भी बताया कि प्रधान पाठकों को शाला प्रबंधन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए सभी शिक्षकों के साथ मिलकर स्मार्ट शिक्षण रणनीतियां अपनानी चाहिए। इस अवसर पर बीआरसी यालम शंकर, समस्त प्राचार्यगण, प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक एवं शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिक्षा के स्तर को और ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प लिया।

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