दुर्ग की डॉ. प्रज्ञा सिंह को 2025 का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

दुर्ग। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर शिक्षा जगत में अपनी छाप छोड़ी है। दुर्ग जि़ले के हनोदा स्थित सरकारी मिडिल स्कूल की शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान उन्हें आगामी 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने बीते 17 वर्षों से ग्रामीण शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों—खासतौर पर अभिभावकों की नशे की प्रवृत्ति और शिक्षा के प्रति उदासीनता—के बावजूद उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दिलाई। उनकी पहल से विद्यालय में 100 प्रतिशत बालिका उपस्थिति दर्ज की गई, जो एक बड़ी उपलब्धि है। नवाचारों के लिए जानी जाने वाली डॉ. सिंह ने सीमित संसाधनों के बीच “आदर्श मैथ्स लैब” और “मैथ्स पार्क” तैयार किए, जिनसे बच्चों के लिए गणित को रोचक और खेल-खेल में सीखने योग्य बनाया गया। साथ ही उन्होंने “उल्लास केंद्र” की स्थापना की, जहाँ घरेलू वस्तुओं की मदद से साक्षरता और संख्याज्ञान सिखाने की अनूठी पहल की गई।
इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि अब तक 23 विद्यार्थी राष्ट्रीय आय-सह-प्रतिभा छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल हुए हैं, जबकि कई छात्र-छात्राएँ श्रेष्ठा और प्रयास जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुँचे हैं। ग्रामीण और नवोन्मेषी शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की केंद्र सरकार की इस पहल को शिक्षा जगत में सराहना मिल रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कार्यक्रम लाखों शिक्षकों के लिए प्रेरणा बनकर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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